ब्‍याज पर कर में छूट

वरिष्‍ठ नागरिकों को बचत योजनाओं और उन पर अर्जित ब्‍याज़ के रूप में अतिरिक्‍त लाभ प्राप्‍त होते हैं। एक विशेष अवधि के लिए जमा की राशि पर ब्‍याज़ वसूल किया जाता है। अलग-अलग अवधि के लिए अलग-अलग ब्‍याज़ दर होती है जिसमें वर्ष दर वर्ष परिवर्तन होता रहता है। अधिकांश बैंक वरिष्‍ठ नागरिकों को आम जनता को उपलब्‍ध दर से अधिक ब्‍याज़ दर प्रदान करते हैं। ऐसा खाता खोलने से पहले आम तौर पर आयु के प्रमाणपत्र की मांग करते हैं।

इन लाभों के अलावा, वरिष्‍ठ नागरिकों को उनके द्वारा डाकघर में जमा की गई राशि पर 31 मार्च, 2007 की स्थिति के अनुसार 9 प्रतिशत की वार्षिक दर पर ब्‍याज़ का लाभ प्राप्‍त होता है। डाकघर में खाता (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) खोलने के बारे में जानकारी प्राप्‍त करने के लिए अपने क्षेत्र की नजदीकी शाखा से संपर्क करें।

भारतीय रिज़र्व बैंक (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) ने वरिष्‍ठ नागरिकों की बचत योजनाओं पर ब्याज की ऊंची दरों की अनुमति दी है। तदनुसार, बैंकों में सावधिक जमा राशियों पर हर अवधि के लिए अधिक ब्‍याज़ प्रदान किया जाता है। सावधि जमा राशियों पर ब्‍याज़ के लिए कर की स्रोत पर कटौती की जाती है। इससे निवेश का यह रूप वृद्ध व्‍यक्तियों के लिए कर मुक्‍त आय का एक उपयोगी रूप बन जाता है।

सावधि जमा राशियों पर ब्‍याज़ की उच्‍चतर दरों के अलावा वरिष्‍ठ नागरिकों को सावधि जमा राशियों के समय-पूर्व आहरणों पर पेनल्‍टी दर में भी छूट प्राप्‍त होती है। कई बार अचानक संकट की स्थिति होने पर जैसे कि इलाज खर्च के लिए या अस्‍पताल में भर्ती होने के कारण अचानक पैसे की जरुरत पड़ने पर स्‍थाई जमा राशि आहरित कर ली जाती है। इस स्थिति में, वरिष्‍ठ नागरिकों को या तो पूरी तरह छूट दे दी जाती है अथवा उनकी जमा राशि का मामूली प्रतिशत वसूल कर लिया जाता है।

कुछ बैंक जैसे कि यूको बैंक (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) वरिष्‍ठ नागरिकों को सावधि जमा राशि के समय-पूर्व आहरण पर पूरी छूट प्रदान करते हैं। अन्‍य बैंक जैसे कि आईसीआईसीआई बैंक (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) 31 मार्च, 2007 की स्थिति के अनुसार इस समय जमा राशि के आधार पर लगभग 0.5 प्रतिशत से 1.5 प्रतिशत पेनल्‍टी वसूल करता है। वर्तमान ब्‍याज़ दरों और अन्‍य विस्‍तृत जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के स्‍थानीय बैंक से संपर्क करें।